J-10CE की बढ़ी मांग, ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन को फायदा

चीन के J-10CE लड़ाकू विमान को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिलचस्पी बढ़ने की चर्चा है। पाकिस्तान के साथ इसके इस्तेमाल और भारत-पाकिस्तान संघर्ष के संदर्भ में सामने आए दावों के बाद इस फाइटर जेट की बिक्री को लेकर चीन को नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
J-10CE चीन के J-10 लड़ाकू विमान का निर्यात संस्करण है। इसे आधुनिक एवियोनिक्स, हथियार प्रणालियों और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ पेश किया जाता है। पाकिस्तान इस विमान का प्रमुख विदेशी ऑपरेटर है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद J-10CE की क्षमता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हुई। इसी के चलते कई देशों की ओर से चीनी लड़ाकू विमानों में संभावित रुचि बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, किसी भी युद्धक विमान की वास्तविक क्षमता का आकलन केवल दावों के आधार पर नहीं, बल्कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रदर्शन और तकनीकी आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए।
J-10CE की संभावित बढ़ती बिक्री चीन के लिए रक्षा निर्यात के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर नए देश इस विमान को खरीदने में रुचि दिखाते हैं, तो इससे चीन के फाइटर जेट बाजार में उसकी स्थिति मजबूत हो सकती है और अमेरिका, फ्रांस तथा रूस जैसे प्रमुख रक्षा निर्यातकों के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।



