विदेश
मालदीव विवाद: भारत से मदद के बाद चीन के जहाज को ठिकाना देने पर उठे सवाल


मालदीव को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में विवाद तेज हो गया है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि भारत से लगभग 3000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता लेने के बाद मालदीव ने चीन के एक कथित “जासूसी जहाज” को अपने बंदरगाह में ठहरने की अनुमति दी है। इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की विदेश नीति पर सवाल उठने लगे हैं।
इस मामले को लेकर भारत में भी चर्चा तेज है, क्योंकि हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन के लिहाज से यह बेहद संवेदनशील माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे द्वीपीय देशों की विदेश नीति अक्सर बड़े देशों के बीच संतुलन साधने की कोशिश करती है, लेकिन ऐसे फैसले क्षेत्रीय भरोसे को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, अभी तक मालदीव सरकार की ओर से इस पूरे विवाद पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन इस घटना ने भारत-चीन प्रतिस्पर्धा और हिंद महासागर की भू-राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।