Masood Azhar News: जैश कमांडर आसिम की लाहौर में मौत, सड़क हादसे में कार कुचली

पाकिस्तान के लाहौर में 15 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। अल्लामा इकबाल रोड के गढ़ी शाहू इलाके में एक तेज रफ्तार भारी ट्रेलर ने कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार ट्रेलर के नीचे दब गई और उसमें सवार तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मोहम्मद आसिम, उनकी पत्नी हुमा आसिम और बेटे तल्हा आसिम के रूप में हुई है। बचावकर्मियों को क्षतिग्रस्त कार से शव निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा बताया जा रहा है आसिम
भारतीय और कुछ अन्य मीडिया रिपोर्टों में मोहम्मद आसिम को जैश-ए-मोहम्मद का कथित ऑपरेशनल कमांडर बताया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह संगठन की स्थानीय गतिविधियों से जुड़ा था। हालांकि, पाकिस्तान के प्रमुख समाचार माध्यमों की दुर्घटना संबंधी रिपोर्टों में उसके आतंकी संगठन में पद और जिम्मेदारियों की विस्तृत स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उसकी संगठनात्मक भूमिका से जुड़े दावों को रिपोर्टों के हवाले से ही देखा जाना चाहिए।
ट्रेलर के नीचे दब गई कार, तीन लोगों की मौत
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब कार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी हुई थी। इसी दौरान पीछे से आए भारी ट्रेलर ने उसे टक्कर मार दी। बचाव सेवा रेस्क्यू 1122 की टीम मौके पर पहुंची और कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए वाहन के क्षतिग्रस्त हिस्सों को काटना पड़ा। हादसे में आसिम, उनकी पत्नी और किशोर बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, ट्रेलर चालक की तलाश
हादसे के बाद पुलिस ने मृतक परिवार के जीवित बचे बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज किया। शिकायत में ट्रेलर चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने और पीछे से कार को टक्कर मारने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के बाद चालक घटनास्थल से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रेलर को कब्जे में लेकर दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू की। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।
मसूद अजहर के संगठन के लिए क्यों अहम मानी जा रही है खबर?
जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना मौलाना मसूद अजहर ने वर्ष 2000 के आसपास की थी। यह संगठन भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित आतंकवादी सूची में शामिल है। यदि मोहम्मद आसिम की संगठन में वरिष्ठ ऑपरेशनल भूमिका की पुष्टि होती है, तो उनकी मौत संगठन के लिए एक नुकसान मानी जा सकती है। हालांकि, सड़क हादसे में उनकी मौत को किसी हमले या लक्षित कार्रवाई से जोड़ने का फिलहाल कोई पुष्ट आधार सामने नहीं आया है।
जैश-ए-मोहम्मद पर पहले भी कार्रवाई और दबाव
जैश-ए-मोहम्मद लंबे समय से भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रहा है। संगठन का नाम संसद हमले, पठानकोट एयरबेस हमले और पुलवामा हमले समेत कई आतंकी घटनाओं से जुड़ा है। भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संगठन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मोहम्मद आसिम की मौत की खबर ऐसे समय आई है, जब पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि, इस हादसे का संगठन की व्यापक गतिविधियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है।



