Nepal Flood: 20 से ज्यादा बैंकों की तिजोरियां बहीं, सोना-नकदी की तलाश

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान के बीच पुलिस के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। बाढ़ के तेज बहाव में 20 से अधिक बैंकों की तिजोरियां बह गई हैं। कुछ तिजोरियां मलबे और भारी गाद के नीचे दब गई हैं।
इन बैंक तिजोरियों में नकदी, सोना और अन्य कीमती सामान रखा हुआ था। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि अगर तिजोरियां लोगों के हाथ लग गईं तो उनमें रखी संपत्ति चोरी हो सकती है। पुलिस इन्हें खोजने और सुरक्षित करने के लिए विशेष अभियान चला रही है।
बाढ़ से प्रभावित रासुवा, धाडिंग और चितवन समेत कई क्षेत्रों के बैंक इस नुकसान की चपेट में आए हैं। कुछ वॉल्ट पानी के तेज बहाव में दूर तक बह गए, जबकि कुछ मलबे में दबे होने की आशंका है।
पुलिस ने बाढ़ में बहकर आए एक बैंक वॉल्ट को त्रिशूली क्षेत्र में सुरक्षित बरामद किया। इसे खोजने और सुरक्षित करने में पुलिसकर्मियों को करीब आठ घंटे लगे। बरामद तिजोरी में करीब 1.5 करोड़ नेपाली रुपये नकद और लगभग 50 करोड़ नेपाली रुपये मूल्य का सोना व अन्य कीमती सामान मिला।
इस बीच बाढ़ में बहकर आई एक अन्य तिजोरी को तोड़कर नकदी निकालने के आरोप में 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार धाडिंग जिले में आरोपियों के पास से करीब 92.68 लाख नेपाली रुपये बरामद किए गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस समय उनकी पहली प्राथमिकता बाढ़ में लापता लोगों की तलाश है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और बैंकों की संपत्ति को सुरक्षित करना भी जरूरी है।
बाढ़ के कारण नेपाल के कई हिस्सों में सड़क, पुल और संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे हालात में बह चुकी तिजोरियों को तलाशना आसान नहीं है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को मलबे और कीचड़ के बीच अभियान चलाना पड़ रहा है।
बैंक तिजोरियों के बहने की घटना इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की गंभीरता को भी दिखाती है। बाढ़ ने केवल घरों और सड़कों को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के बुनियादी ढांचे को भी बड़ा झटका दिया है।
फिलहाल पुलिस बाकी लापता तिजोरियों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का लक्ष्य बरामद वॉल्ट और उनमें मौजूद नकदी तथा कीमती सामान को सुरक्षित करना है, ताकि आपदा के बीच चोरी और अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।



