विदेश

PoK में बढ़ा विरोध, पाकिस्तान को वीजा की चेतावनी

PoK में जारी आंदोलन की पृष्ठभूमि कई महीनों से चले आ रहे राजनीतिक और आर्थिक असंतोष से जुड़ी है। JAAC ने स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व, महंगाई और शासन से जुड़े मुद्दों को उठाया है। संगठन पर क्षेत्रीय सरकार ने प्रतिबंध भी लगाया था, जिसके बाद विरोध और टकराव की स्थिति बनी रही।

JAAC नेता सरदार अमन खान ने हालिया सभा में कहा कि पाकिस्तान के नेताओं को भविष्य में PoK में प्रवेश के लिए पासपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है। यह बयान मौजूदा विरोध आंदोलन के संदर्भ में दिया गया है और फिलहाल इसे किसी लागू वीजा व्यवस्था की घोषणा नहीं माना जा सकता।

PoK में आंदोलन की शुरुआत राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आर्थिक मांगों को लेकर हुई थी। JAAC ने पाकिस्तान के बाहर रहने वाले कश्मीरी शरणार्थियों के लिए विधानसभा में आरक्षित सीटों को खत्म करने समेत कई मांगें उठाई थीं। अगस्त में प्रकाशित Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, इन मांगों को लेकर हुए प्रदर्शनों में हिंसा भी हुई और क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया था।

हाल के प्रदर्शनों में आंदोलन की मांगें और व्यापक हुई हैं। 27 सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, AAC से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने LoC के रास्ते खोलने और जम्मू-कश्मीर के पुंछ तथा मेंढर से संपर्क बहाल करने की मांग भी उठाई। इन बयानों को प्रदर्शनकारी नेताओं के रुख के रूप में देखा जाना चाहिए।

इस बीच पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान की ओर से आंदोलन को लेकर अलग रुख सामने आया है। पहले पाकिस्तान के अधिकारियों ने व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया था, जबकि प्रदर्शनकारी स्थानीय अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में PoK की स्थिति आने वाले दिनों में राजनीतिक और सुरक्षा दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बनी हुई है।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button