PoK में फिर बढ़ा तनाव, अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी

पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ असंतोष एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। जम्मू कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकेत देते हुए पाकिस्तान के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
JKAAC नेता उमर नजीर कश्मीरी ने कहा कि संगठन ने पहले शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाईं और सरकार के साथ बातचीत का रास्ता अपनाया। हालांकि, उनके मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में आंदोलन के अगले चरण की ओर बढ़ना जरूरी हो गया है।
यह आंदोलन केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं है। संगठन की मांगों में बिजली की दरों, महंगाई, सब्सिडी, रोजगार, संसाधनों पर स्थानीय अधिकार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं। 38 सूत्रीय मांगपत्र में पाकिस्तान में रहने वाले कश्मीरी शरणार्थियों के लिए विधानसभा की आरक्षित सीटों को खत्म करने की मांग भी प्रमुख रही है।
JKAAC और पाकिस्तान प्रशासन के बीच तनाव पहले भी हिंसक रूप ले चुका है। जून 2026 में विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों में लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भी संगठन ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया था।
जुलाई में भी प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फराबाद की ओर मार्च और व्यापक प्रदर्शन की तैयारी की थी। उस समय संगठन ने किसी समझौते की खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उसकी मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता।
अब ताजा बयान से संकेत मिल रहा है कि PoK में आंदोलन एक बार फिर तेज हो सकता है। JKAAC की रणनीति और अगले कदम पर पूरे क्षेत्र की नजर है। यदि संगठन व्यापक बंद, धरने या मार्च का आह्वान करता है, तो पाकिस्तान प्रशासन के लिए स्थिति संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
PoK में लंबे समय से आर्थिक कठिनाइयों, बिजली और खाद्य वस्तुओं की कीमतों, राजनीतिक अधिकारों तथा स्थानीय संसाधनों से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतोष रहा है। ऐसे में अवामी एक्शन कमेटी का नया रुख पाकिस्तान सरकार के लिए एक और राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती बन सकता है।



