यूरोप में सोशल मीडिया के जरिए टीनएजर्स को अपराध में धकेलने का खुलासा

यूरोप के कई देशों में आपराधिक गिरोहों द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए किए जाने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ गैंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए किशोरों से संपर्क कर उन्हें गंभीर अपराधों में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, अपराधी गिरोह सोशल मीडिया पर युवाओं को प्रभावित करने के लिए तरह-तरह के तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें पैसे, पहचान और रोमांच का लालच देकर उन्हें अपराधी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने के आरोप सामने आए हैं।
जांच एजेंसियां ऐसे नेटवर्क की पहचान करने में जुटी हैं, जो ऑनलाइन माध्यमों से युवाओं को निर्देश देने और अपराध करवाने का काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरों को ऑनलाइन अपराधी नेटवर्क से बचाने के लिए डिजिटल जागरूकता, अभिभावकों की निगरानी और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन अपराधों से निपटना वैश्विक चुनौती बनता जा रहा है।



