
नए साल से पहले अमेरिका की मशहूर टेक्नोलॉजी हब सिलिकॉन वैली को अलविदा कहने की तैयारी में दो बड़े अरबपति सुर्खियों में हैं। दशकों तक टेक इनोवेशन और स्टार्टअप संस्कृति का केंद्र रही सिलिकॉन वैली अब महंगे जीवन, बढ़ते टैक्स और बदलते बिजनेस माहौल के कारण कई अमीर उद्यमियों के लिए कम आकर्षक होती जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये दोनों अरबपति अपने कारोबार और निजी जीवन को किसी अन्य राज्य या देश में शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह कैलिफोर्निया में लगातार बढ़ता इनकम टैक्स और प्रॉपर्टी टैक्स बताया जा रहा है, जो अरबपतियों और बड़ी कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव डाल रहा है।
इसके अलावा, कोविड महामारी के बाद वर्क-फ्रॉम-होम और रिमोट वर्क कल्चर ने भी इस फैसले को आसान बना दिया है। अब टेक कंपनियों को अपने मुख्यालय के लिए सिर्फ सिलिकॉन वैली पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रही। टेक्सास, फ्लोरिडा और नेवादा जैसे राज्य कम टैक्स, बिजनेस-फ्रेंडली पॉलिसी और कम जीवन-यापन खर्च के कारण तेजी से अमीर उद्यमियों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं, कुछ अरबपति दुबई और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय बिजनेस हब्स की ओर भी रुख कर रहे हैं, जहां टैक्स में छूट और वैश्विक बाजारों तक आसान पहुंच मिलती है।
सिलिकॉन वैली में बढ़ती सामाजिक समस्याएं, जैसे हाउसिंग क्राइसिस, ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इस पलायन का कारण बन रहे हैं। अरबपतियों का मानना है कि नई जगहों पर उन्हें बेहतर लाइफस्टाइल, कम खर्च और ज्यादा स्वतंत्रता मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सिलिकॉन वैली की इनोवेशन क्षमता और टैलेंट पूल अभी भी दुनिया में बेजोड़ है, इसलिए यह पूरी तरह खत्म नहीं होगी।
फिर भी, इन दो बड़े अरबपतियों का जाना एक संकेत जरूर है कि अमेरिका का टेक इकोसिस्टम अब धीरे-धीरे विकेंद्रीकृत हो रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सिलिकॉन वैली अपनी पुरानी चमक बरकरार रख पाएगी या टेक इंडस्ट्री के नए केंद्र उभरकर सामने आएंगे।



