ट्रंप की ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल शील्ड पर 1.2 ट्रिलियन डॉलर खर्च का अनुमान

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस शील्ड को लेकर सामने आई नई रिपोर्ट ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान खींच लिया है। रिपोर्ट के अनुसार इस अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली को विकसित करने, लॉन्च करने और लंबे समय तक संचालित रखने में लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक का खर्च आ सकता है। माना जा रहा है कि यह सिस्टम दुश्मन देशों की बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों को हवा में ही रोकने के लिए तैयार किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘गोल्डन डोम’ प्रोजेक्ट अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। इस रक्षा कवच में सैटेलाइट नेटवर्क, एडवांस रडार सिस्टम और स्पेस-बेस्ड इंटरसेप्टर जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इतनी बड़ी लागत को लेकर अमेरिकी राजनीति और रक्षा विश्लेषकों के बीच बहस भी तेज हो गई है। आलोचकों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट पर होने वाला भारी खर्च अमेरिकी अर्थव्यवस्था और टैक्सपेयर्स पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा सकता है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यदि यह परियोजना शुरू होती है तो अमेरिका को आने वाले वर्षों में रक्षा बजट में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे देशों से बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका को अपनी मिसाइल सुरक्षा क्षमता को और मजबूत बनाना जरूरी है। ‘गोल्डन डोम’ को भविष्य की युद्ध रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो अंतरिक्ष आधारित रक्षा तकनीकों को नई दिशा दे सकता है।



