
ग्रीनलैंड को लेकर चल रहे विवाद के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए ब्रिटेन, फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी आयात शुल्क (टैरिफ) लगा दिया है। इस फैसले के बाद अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक तनाव और गहरा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे ग्रीनलैंड को लेकर रणनीतिक और भू-राजनीतिक हित भी जुड़े हुए हैं। ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों के कारण यह क्षेत्र वैश्विक शक्तियों के लिए अहम बना हुआ है।
यूरोपीय देशों ने ट्रंप के इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे एकतरफा और अनुचित करार दिया है। कुछ देशों ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है, जिससे आने वाले समय में वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस टैरिफ का असर न सिर्फ अमेरिका-यूरोप संबंधों पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।



