ट्रंप के UNGA भाषण का ईरान ने किया बहिष्कार, प्रतिनिधिमंडल ने किया वॉकआउट
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण पर ईरान ने विरोध दर्ज कराया। ट्रंप जब ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल सदन से बाहर चला गया। रिपोर्टों के अनुसार क्यूबा के प्रतिनिधियों ने भी बाद में ट्रंप की अपनी सरकार से जुड़ी टिप्पणियों के दौरान वॉकआउट किया।
ट्रंप ने ईरान पर क्या कहा?
ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर बातचीत में देरी करने का आरोप भी लगाया और तेहरान पर दबाव बनाए रखने की बात कही।
ट्रंप के भाषण में ईरान युद्ध प्रमुख मुद्दों में रहा। उन्होंने अपनी सरकार की विदेश नीति और सैन्य फैसलों को भी सही ठहराया तथा अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर पेश किया।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने क्यों छोड़ा सदन?
ईरानी प्रतिनिधियों का वॉकआउट ट्रंप के ईरान संबंधी भाषण के दौरान हुआ। इससे पहले ईरान ने अमेरिका पर अपने प्रतिनिधिमंडल की UNGA में भागीदारी को बाधित करने का आरोप लगाया था। हालांकि अमेरिका ने कहा था कि ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल को UNGA में शामिल होने के लिए वीजा दिया गया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। पेजेशकियन को 23 सितंबर को UNGA को संबोधित करना है, जहां ईरान की ओर से क्षेत्रीय संघर्ष और अमेरिका के साथ विवाद पर अपना पक्ष रखने की उम्मीद है।
अमेरिका और ईरान में क्यों बढ़ा तनाव?
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव सैन्य कार्रवाई, परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज से जुड़े विवादों तक पहुंच चुका है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाता रहा है, जबकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी दावों को खारिज करता रहा है।
इस बीच कूटनीति की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत की संभावनाओं के संकेत दिए हैं और स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को दोबारा खोलने की पेशकश भी कुछ शर्तों के साथ की है।
स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज क्यों अहम?
स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष के कारण इस मार्ग की सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बनी हुई है।
ईरान की ओर से हॉरमुज को फिर से खोलने का प्रस्ताव सामने आने के बावजूद इसके लिए अमेरिका की ओर से सैन्य दबाव कम करने और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटाने जैसी शर्तें रखी गई हैं।
पेजेशकियन अब UNGA में क्या कहेंगे?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। उनके भाषण में ईरान-अमेरिका संघर्ष, क्षेत्रीय स्थिति और तेहरान का कूटनीतिक पक्ष प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं। उनके साथ विदेश मंत्री अराघची समेत ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी न्यूयॉर्क में है।
इस तरह ट्रंप के भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल का वॉकआउट केवल सदन छोड़ने की घटना नहीं है, बल्कि यह उस समय दोनों देशों के बीच जारी गंभीर राजनयिक और सैन्य तनाव को भी दर्शाता है। आने वाले दिनों में पेजेशकियन का भाषण और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत पर दुनिया की नजर रहेगी।



