यूक्रेन ने शुरू की ‘रोबोट आर्मी’, खतरनाक मिशन में उतरेंगे रोबोट

यूक्रेन ने रूस के साथ जारी युद्ध के बीच रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल को बड़े स्तर पर बढ़ाने की पहल की है। यूक्रेन के मंत्री मायखाइलो फेडोरोव ने 26 सितंबर 2026 को ‘रोबोट आर्मी’ परियोजना की घोषणा की। इसके तहत सैन्य उपयोग वाली रोबोटिक तकनीकों के विकास, परीक्षण और इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य ऐसे कार्यों में रोबोटों को तैनात करना है, जहां सैनिकों को ज्यादा खतरे का सामना करना पड़ता है। इनमें घायल सैनिकों को निकालना, गोला-बारूद और अन्य सामान पहुंचाना, बारूदी सुरंगों से जुड़े काम, टोही, पोजिशन की सुरक्षा और कुछ सैन्य अभियानों में सहायता शामिल है।
यूक्रेन पहले से ही मानवरहित ग्राउंड व्हीकल यानी UGV का इस्तेमाल कर रहा है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अगस्त 2026 में इन प्रणालियों ने 25 हजार से अधिक लॉजिस्टिक्स और मेडिकल इवैक्युएशन मिशन किए, जबकि जनवरी से अगस्त के बीच ऐसे मिशनों की संख्या करीब 1.12 लाख रही।
रिपोर्टों के मुताबिक, यूक्रेन का रोबोटिक युद्ध तंत्र केवल जमीन तक सीमित नहीं है। ग्राउंड रोबोटों को हवाई और समुद्री ड्रोन के साथ जोड़कर भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे युद्ध में मानवरहित प्रणालियों की भूमिका लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।



