मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें दो माओवादी ढेर होने की आशंका जताई जा रही है। यह मुठभेड़ जिले के घने जंगलों में उस वक्त हुई जब सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली कि कुछ माओवादी इलाके में सक्रिय हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। उसी सूचना के आधार पर एक विशेष ऑपरेशन चलाया गया।
सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम — जिसमें राज्य पुलिस, विशेष कार्य बल (STF) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवान शामिल थे — ने जंगल में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला। दोनों ओर से चली गोलीबारी में दो माओवादियों के मारे जाने की खबर है, हालांकि शवों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार, बम, नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है ताकि कोई माओवादी भाग न सके। अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका माओवादियों के छिपने का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लगातार अभियान चलाकर इनकी पकड़ कमजोर की गई है।
यह मुठभेड़ एक बार फिर यह साबित करती है कि मध्यप्रदेश में माओवादियों की गतिविधियां भले ही सीमित हों, लेकिन खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और निरंतर अभियान ही इस चुनौती से निपटने का एकमात्र रास्ता है।
सरकार ने इस कार्रवाई की सराहना की है और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट है और अतिरिक्त बलों को तैनात कर दिया गया है।



