
अरब सागर में उठे चक्रवात Cyclone Montha ने अब खतरनाक रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह चक्रवात लगभग 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और अगले 24 घंटों में इसके तटवर्ती इलाकों से टकराने की आशंका जताई गई है। इस तूफान के चलते गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है, वहीं मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि Cyclone Montha का केंद्र अरब सागर के मध्य भाग में स्थित है और इसके उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ने की संभावना है। इस तूफान के असर से कई इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी गई है। राज्य सरकारों ने आपदा प्रबंधन बल (NDRF) की टीमों को तैनात कर दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
इस बीच, तूफान के चलते कई फ्लाइट्स और ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया गया है। मुंबई, सूरत, राजकोट और गोवा एयरपोर्ट पर उड़ानों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। रेलवे विभाग ने भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है।
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों से बाहर न निकलें, पुराने या कमजोर भवनों से दूर रहें और बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। इसके साथ ही, मोबाइल नेटवर्क और बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
Cyclone Montha का प्रभाव आने वाले 48 घंटों तक बना रह सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह के शक्तिशाली चक्रवातों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें ताकि जान-माल की हानि से बचा जा सके।



