Purnima 2026 तारीखें: जानें पूरे साल की पूर्णिमा तिथियाँ जनवरी से दिसंबर तक

पूर्णिमा का दिन हिंदू पंचांग में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन चंद्रमा की पूर्णता का प्रतीक होता है और आध्यात्मिक उन्नति, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष महत्व रखता है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा को व्रत, उपवास और विशेष पूजा-अर्चना के लिए चुना जाता है। 2026 में भी पूरे साल कई पूर्णिमा आएंगी, जिनकी तिथियाँ पहले से जान लेना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से लाभकारी होगा।
जनवरी 2026 में, साल की पहली पूर्णिमा 24 जनवरी को पड़ेगी। यह माघ पूर्णिमा के रूप में जानी जाएगी, जो विशेष रूप से माघ माह में स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण होती है। फरवरी की पूर्णिमा 23 फरवरी को है, जिसे फाल्गुन पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन भी भक्त उपवास रखते हैं और मठ-मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं।
मार्च में, 24 मार्च को पूर्णिमा है। इसे चैत्र पूर्णिमा भी कहा जाता है और इसे वसंत ऋतु की शुरुआत के रूप में माना जाता है। अप्रैल में पूर्णिमा 23 अप्रैल को होगी। मई में 23 मई को, और जून में 21 जून को पूर्णिमा आएगी। यह दिन आषाढ़ और ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा के रूप में विशेष महत्व रखता है।
जुलाई 2026 में पूर्णिमा 21 जुलाई को मनाई जाएगी, जिसे सावन या श्रावण पूर्णिमा कहा जाता है। अगस्त की पूर्णिमा 19 अगस्त को होगी, और इसे श्रावण मास की आखिरी पूर्णिमा के रूप में देखा जाता है। सितंबर में, 18 सितंबर को पूर्णिमा का दिन है। अक्टूबर की पूर्णिमा 17 अक्टूबर को पड़ेगी।
नवंबर में पूर्णिमा 16 नवंबर को और दिसंबर में 16 दिसंबर को होगी। ये सभी तिथियाँ भारतीय पंचांग के अनुसार निश्चित की गई हैं और विभिन्न त्योहारों, व्रतों और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जुड़ी हुई हैं।
पूर्णिमा का दिन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। यह दिन परिवार और मित्रों के साथ मिलकर पूजा-पाठ और दान देने का अवसर प्रदान करता है। 2026 में इन सभी पूर्णिमा तिथियों को नोट कर, आप अपने धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना पहले से बना सकते हैं।



