दुनिया के 5 देश जहां क्रिसमस मनाने पर है बैन, सांता क्लॉज पर भी सख्ती

दुनिया के अधिकांश देशों में क्रिसमस खुशी, रोशनी और उत्सव का प्रतीक माना जाता है, लेकिन कुछ ऐसे देश भी हैं जहां इस त्योहार को खुले तौर पर मनाने की अनुमति नहीं है। इन देशों में धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक कारणों से क्रिसमस सेलिब्रेशन पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। सऊदी अरब इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां इस्लामी कानूनों का कड़ाई से पालन किया जाता है। यहां सार्वजनिक रूप से क्रिसमस ट्री सजाना, सांता क्लॉज की पोशाक पहनना या क्रिसमस से जुड़े किसी भी प्रतीक का प्रदर्शन करना लंबे समय तक प्रतिबंधित रहा है, हालांकि हाल के वर्षों में कुछ निजी स्थानों पर सीमित ढील देखी गई है। उत्तर कोरिया में भी क्रिसमस मनाना लगभग असंभव है, क्योंकि वहां किसी भी धार्मिक गतिविधि को सरकार की विचारधारा के खिलाफ माना जाता है। यहां तक कि क्रिसमस से जुड़े गीत या सजावट पर भी कार्रवाई हो सकती है। सोमालिया में चरमपंथी संगठनों और सुरक्षा कारणों से क्रिसमस समारोहों पर रोक है, क्योंकि इसे गैर-इस्लामी परंपरा माना जाता है। ब्रुनेई में शरिया कानून लागू होने के बाद से क्रिसमस को सार्वजनिक रूप से मनाने पर बैन है और सांता क्लॉज की वेशभूषा या क्रिसमस ग्रीटिंग्स भी सीमित दायरे में ही स्वीकार की जाती हैं। वहीं, ताजिकिस्तान जैसे कुछ देशों में स्कूलों और सरकारी संस्थानों में सांता क्लॉज, क्रिसमस ट्री और नए साल से जुड़ी पश्चिमी परंपराओं पर रोक लगाई गई है, ताकि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को प्राथमिकता दी जा सके। इन सभी देशों में आम नागरिक निजी तौर पर सीमित रूप से त्योहार मना सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक प्रदर्शन, जुलूस या प्रचार पर सख्ती रहती है। इससे साफ होता है कि जहां एक ओर क्रिसमस वैश्विक उत्सव बन चुका है, वहीं दूसरी ओर कुछ देशों में सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए इस पर नियंत्रण लगाया गया है।



