New Year 2026: काशी में आस्था का महासागर, दशाश्वमेध घाट से बाबा दरबार तक श्रद्धालुओं का सैलाब

नववर्ष के पावन अवसर पर आध्यात्मिक नगरी काशी पूरी तरह बाबा विश्वनाथ की भक्ति में डूबी नजर आई। साल के पहले दिन सुबह से ही दशाश्वमेध घाट से लेकर काशी विश्वनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु नववर्ष की शुरुआत बाबा के दर्शन-पूजन से कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते नजर आए। गंगा घाटों पर सूर्योदय से पहले ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था, जिसके बाद भक्त सीधे बाबा दरबार की ओर बढ़े।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद दर्शन व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुव्यवस्थित दिखाई दी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पुलिस और प्रशासन लगातार व्यवस्था संभालता रहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। जगह-जगह बैरिकेडिंग, मेडिकल टीम और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। भीड़ अधिक होने के बावजूद भक्तों में अनुशासन देखने को मिला और हर कोई धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करता रहा।
नववर्ष पर बाबा के विशेष श्रृंगार और आरती ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंदिर परिसर में घंटियों की ध्वनि, धूप-दीप की सुगंध और मंत्रोच्चार ने अलौकिक माहौल बना दिया। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि काशी आकर उन्हें आत्मिक शांति की अनुभूति होती है और नववर्ष की शुरुआत यहां से करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती का दृश्य भी अद्भुत रहा, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नावों से गंगा आरती देखने वाले भक्तों ने इसे अविस्मरणीय अनुभव बताया। स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए भी यह अवसर उत्साह लेकर आया, क्योंकि नववर्ष पर काशी में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई।
कुल मिलाकर, नववर्ष पर काशी में उमड़ी यह आस्था न केवल धार्मिक विश्वास को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि बाबा विश्वनाथ के प्रति श्रद्धा सदियों से लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है। बाबा के दरबार में माथा टेककर भक्तों ने नए साल की सकारात्मक और मंगलमय शुरुआत की।



