ITC Share गिरावट: 2 दिन में 14% की बड़ी टूट, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

पिछले दो कारोबारी दिनों में ITC के शेयर में करीब 14 फीसदी की तेज गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों के बीच चिंता और असमंजस का माहौल बन गया है। जो निवेशक पहले से इस स्टॉक में हैं, वे नुकसान को लेकर चिंतित हैं, वहीं नए निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या इतनी बड़ी गिरावट के बाद अब इसमें खरीदारी करना सही रहेगा या नहीं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शेयर में अचानक आई तेज गिरावट के पीछे एक से अधिक कारण हो सकते हैं और बिना पूरी जानकारी के जल्दबाजी में फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार ITC की हालिया गिरावट के पीछे मुनाफावसूली, सेक्टर से जुड़ी चिंताएं और बाजार में कमजोर सेंटिमेंट जैसे कारण अहम भूमिका निभा रहे हैं। FMCG सेक्टर में इनपुट कॉस्ट, टैक्सेशन और भविष्य की ग्रोथ को लेकर निवेशकों की अपेक्षाएं बदल रही हैं, जिसका असर ITC जैसे बड़े शेयरों पर भी पड़ा है। हालांकि, लंबे समय के नजरिए से देखें तो ITC की बुनियादी स्थिति अभी भी मजबूत मानी जा रही है। कंपनी का मजबूत कैश फ्लो, डाइवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल और स्थिर डिविडेंड रिकॉर्ड इसे अन्य कंपनियों से अलग बनाता है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि निवेशक सिर्फ शॉर्ट टर्म गिरावट को देखकर घबराएं नहीं। अगर कोई निवेशक लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना चाहता है, तो ऐसी गिरावट को आंशिक खरीदारी के मौके के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय SIP या चरणबद्ध निवेश बेहतर रणनीति मानी जाती है। तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, ITC शेयर कुछ अहम सपोर्ट लेवल के पास पहुंच गया है, जहां से इसमें रिकवरी की संभावना बन सकती है, लेकिन बाजार की दिशा पर नजर रखना जरूरी है।
वहीं, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जब तक शेयर में स्थिरता और वॉल्यूम के साथ मजबूती के संकेत नहीं मिलते, तब तक जल्दबाजी में एंट्री जोखिम भरी हो सकती है। कुल मिलाकर, ITC के शेयर में आई 14 फीसदी की गिरावट डराने वाली जरूर है, लेकिन मजबूत फंडामेंटल्स के कारण इसे पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता। निवेश से पहले अपने जोखिम प्रोफाइल, निवेश अवधि और वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें, ताकि फैसला सोच-समझकर किया जा सके।



