सोने ने रचा इतिहास: पहली बार 1.5 लाख रुपये के पार पहुंचा भाव, निवेशकों में उत्साह

भारतीय सर्राफा बाजार में सोने ने नया इतिहास रच दिया है। पहली बार सोने का भाव 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है, जिससे निवेशकों और आम उपभोक्ताओं के बीच हलचल तेज हो गई है। एक ही झटके में करीब 7000 रुपये की बढ़ोतरी ने बाजार को चौंका दिया है। जानकारों के अनुसार, यह उछाल घरेलू ही नहीं बल्कि वैश्विक कारणों से भी जुड़ा हुआ है, जिनका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेतों ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है। ऐसे समय में सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। डॉलर में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बनी असमंजस की स्थिति ने भी सोने की मांग को बढ़ाया है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार में कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के रूप में देखने को मिला है।
घरेलू कारणों की बात करें तो रुपये में कमजोरी, आयात लागत में बढ़ोतरी और त्योहारों व शादी के मौसम से पहले बढ़ती मांग ने भी सोने के भाव को ऊपर की ओर धकेला है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि मांग बढ़ने के साथ-साथ सप्लाई पर दबाव बना हुआ है, जिससे कीमतों में तेजी बनी हुई है। खास बात यह है कि इस उछाल ने निवेशकों के साथ-साथ आम ग्राहकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अभी खरीदारी की जाए या कीमतों के स्थिर होने का इंतजार किया जाए।
निवेश के नजरिये से देखा जाए तो जिन लोगों ने पहले सोने में निवेश किया था, उनके लिए यह समय फायदे का साबित हो रहा है। वहीं, नए निवेशकों के लिए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि वे जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने के बजाय बाजार की चाल को समझकर चरणबद्ध तरीके से निवेश करें। लंबी अवधि में सोना अब भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
आगे आने वाले दिनों में सोने की कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह काफी हद तक वैश्विक आर्थिक हालात, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की स्थिति पर निर्भर करेगा। फिलहाल इतना तय है कि सोने ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए निवेश बाजार में अपनी चमक और मजबूत कर ली है।



