
केंद्र सरकार के ताजा बजट में राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। इस बजट की सबसे बड़ी खासियत रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार आत्मनिर्भर भारत और मजबूत रक्षा तैयारियों पर गंभीरता से काम कर रही है। बढ़े हुए रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा स्वदेशी हथियार प्रणालियों, अत्याधुनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा और सीमा क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर खर्च किया जाएगा। इससे न केवल सेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि रक्षा उत्पादन से जुड़े उद्योगों और स्टार्टअप्स को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
हालांकि आम करदाताओं के लिए इस बजट में टैक्स स्लैब या दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल टैक्स स्थिरता बनाए रखना जरूरी है, ताकि राजकोषीय संतुलन बना रहे और विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों। टैक्स में बदलाव न होने के बावजूद सरकार का दावा है कि महंगाई नियंत्रण और रोजगार सृजन के जरिए आम जनता को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर बजट में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। ये कॉरिडोर प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक शहरों को जोड़ेंगे, जिससे यात्रा का समय घटेगा और व्यापार को गति मिलेगी। हाई-स्पीड रेल से न केवल लॉजिस्टिक्स बेहतर होगा, बल्कि निर्माण और संचालन के दौरान लाखों नए रोजगार भी पैदा होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बजट ने नया आयाम जोड़ा है। देश में 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS स्थापित करने का ऐलान किया गया है, जिनका उद्देश्य पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक शोध और तकनीक से जोड़ना है। इन संस्थानों में आयुर्वेद, योग और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय पर आधारित इलाज और अनुसंधान होगा, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर वैकल्पिक चिकित्सा का बड़ा केंद्र बन सकता है।
कुल मिलाकर यह बजट सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य के संतुलित विकास पर केंद्रित नजर आता है। टैक्स में भले ही कोई बदलाव न हुआ हो, लेकिन रक्षा मजबूती, तेज रेल नेटवर्क और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों जैसे फैसले देश की दीर्घकालिक विकास रणनीति को मजबूती देते हैं।



