16–20 फरवरी का मार्केट आउटलुक: एक्सपर्ट की राय, निवेशकों को होगा फायदा या नुकसान?

16 से 20 फरवरी के कारोबारी हफ्ते को लेकर निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बाजार रफ्तार पकड़ेगा या फिर मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिलेगा। पिछले कुछ सत्रों में उतार-चढ़ाव के बीच इंडेक्स ने जिस तरह से अहम स्तरों के आसपास खुद को संभाला है, उससे संकेत मिलते हैं कि बाजार दिशा तय करने की तैयारी में है। कई विश्लेषकों का मानना है कि ग्लोबल संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और घरेलू आर्थिक आंकड़े इस सप्ताह की चाल तय करेंगे। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मजबूती मिलती है तो खरीदारी बढ़ सकती है, लेकिन कमजोर संकेत मिलने पर गिरावट भी तेज हो सकती है।
ब्रोकरेज हाउसों के मुताबिक आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन बना रह सकता है। दिग्गज कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट कमेंट्री का असर भी देखने को मिलेगा। जानकारों का कहना है कि ट्रेडर्स को ऊंचे स्तरों पर सतर्क रहना चाहिए और बिना स्टॉप लॉस के पोजिशन लेने से बचना चाहिए। बाजार में फिलहाल भरोसा तो है, लेकिन हर तेजी के बाद हल्की मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में रणनीति संतुलित रखना ही समझदारी होगी।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी सबकी नजर रहेगी। यदि एफआईआई का रुख सकारात्मक रहता है तो इंडेक्स को ऊपर जाने में सहारा मिल सकता है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक गिरावट में खरीदारी कर बाजार को सपोर्ट दे सकते हैं। एक्सपर्ट मानते हैं कि लंबी अवधि के निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में चरणबद्ध तरीके से निवेश जारी रख सकते हैं, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को तेजी और गिरावट दोनों के लिए तैयार रहना चाहिए।
कुल मिलाकर 16 से 20 फरवरी का सप्ताह मौके भी देगा और जोखिम भी दिखाएगा। जिन निवेशकों की नजर लंबी अवधि पर है, उनके लिए हर गिरावट खरीदारी का अवसर बन सकती है। वहीं तेज मुनाफे की चाह रखने वालों को बाजार की चाल पर लगातार नजर रखनी होगी। सही स्टॉक का चुनाव, तय लक्ष्य और अनुशासन के साथ निवेश करने वाले ही इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में फायदा निकाल पाएंगे।



