
हाल ही में इजरायल की राजनीति और सोशल मीडिया पर एक तस्वीर ने खासा ध्यान खींचा, जिसमें इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu पारंपरिक भारतीय अंदाज में नजर आए। उनके इस ‘देसी लुक’ को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जबरदस्त चर्चा देखने को मिली। कई यूजर्स ने इसे भारत और इजरायल के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक बताया। इस दौरान एक बार फिर प्रधानमंत्री Narendra Modi की चर्चित ‘कार डिप्लोमेसी’ की यादें ताजा हो गईं। गौरतलब है कि जब पीएम मोदी इजरायल दौरे पर गए थे, तब उन्होंने नेतन्याहू के साथ खुली जीप में समुद्र तट का दौरा किया था। वह दृश्य वैश्विक मीडिया में सुर्खियों में रहा और दोनों नेताओं की निजी केमिस्ट्री का प्रतीक बन गया।
भारत और इजरायल के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व मजबूती आई है। रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है। नेतन्याहू का भारतीय परिधान में दिखना सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव का संकेत माना जा रहा है। वहीं पीएम मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’ को एक ऐसे कूटनीतिक अंदाज के रूप में देखा जाता है, जो औपचारिक बैठकों से आगे बढ़कर व्यक्तिगत संबंधों को प्राथमिकता देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रतीकात्मक कदम जनता के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाते हैं और दोनों देशों की दोस्ती को नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। सोशल मीडिया के दौर में ऐसी तस्वीरें और दृश्य वैश्विक कूटनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। नेतन्याहू का देसी लुक और मोदी की कार डिप्लोमेसी एक बार फिर यह दिखाती है कि भारत-इजरायल संबंध केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक स्तर पर भी मजबूत हो रहे हैं।



