
हाल ही में खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडाई मीडिया में लगाए गए आरोपों को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। इस मुद्दे पर भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक तनाव देखने को मिला था, लेकिन अब दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ती नजर आ रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi और कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney के बीच हुई बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के आरोप तथ्यों और ठोस सबूतों पर आधारित होने चाहिए, न कि मीडिया रिपोर्ट्स या अटकलों पर। भारत ने दोहराया कि वह कानून के शासन और संप्रभुता का सम्मान करता है तथा किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करता। वहीं कनाडाई पक्ष ने भी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाए रखने और आपसी संवाद के जरिए विवादों को सुलझाने की बात कही।
बैठक के दौरान आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। भारत ने यह भी रेखांकित किया कि उसकी चिंता उन तत्वों को लेकर है जो कनाडा की धरती से भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। दोनों देशों ने जांच एजेंसियों के स्तर पर सहयोग और सूचना साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही व्यापार, शिक्षा, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में संबंधों को सामान्य बनाने की इच्छा भी जताई गई। विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। हालांकि निज्जर हत्याकांड को लेकर जांच अभी जारी है, लेकिन दोनों देशों ने कूटनीतिक संवाद को जारी रखने और संबंधों को पटरी पर लाने की प्रतिबद्धता दिखाई है।



