Iran-US युद्ध का असर: मार्केट एक्सपर्ट की चेतावनी, शेयर बाजार में 10% तक गिरावट संभव

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार में भी चिंता का माहौल बना दिया है। मशहूर मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह तनाव पूर्ण युद्ध में बदलता है तो इसका सीधा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों पर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट सिर्फ हल्की नहीं होगी बल्कि बाजार में 8 से 10 प्रतिशत तक की बड़ी टूट संभव है। उनका कहना है कि अभी जो गिरावट दिख रही है वह केवल “ट्रेलर” हो सकती है, असली असर तब दिखेगा जब मिडिल ईस्ट में स्थिति और ज्यादा बिगड़ती है। दरअसल ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी सैन्य टकराव का सीधा प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। यदि युद्ध छिड़ता है तो कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई बढ़ेगी और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव आएगा। भारत जैसे देश, जो तेल आयात पर काफी निर्भर हैं, वहां शेयर बाजार में घबराहट के चलते बिकवाली बढ़ सकती है। निवेशकों को डर रहता है कि बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता से कंपनियों की कमाई प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि ऐसे हालात में विदेशी निवेशक भी उभरते बाजारों से पैसा निकालने लगते हैं, जिससे बाजार में और दबाव बनता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर तनाव लंबा चला तो बैंकिंग, ऑटो, एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर पर खास असर देखने को मिल सकता है क्योंकि इनकी लागत बढ़ सकती है। हालांकि कुछ सेक्टर जैसे तेल और गैस कंपनियां या डिफेंस सेक्टर को इससे फायदा भी मिल सकता है। विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि इस समय घबराहट में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें और अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखें। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी बन सकती है, क्योंकि मजबूत कंपनियों के शेयर सस्ते दाम पर मिल सकते हैं। फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक मिडिल ईस्ट की स्थिति और वैश्विक राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर करेगी। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।



