
दक्षिण एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की ‘रेड लाइन’ वाली चेतावनी के कुछ ही समय बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के एक कथित आतंकी ठिकाने पर हमला कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना ने सीमा पार स्थित एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाते हुए हवाई और जमीनी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यह हमला उन समूहों के खिलाफ किया गया है जिन्हें पाकिस्तान लंबे समय से अपने देश में आतंकी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराता रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी संगठनों द्वारा किया जा रहा था और कई बार चेतावनी देने के बावजूद जब हालात नहीं बदले तो उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। दूसरी ओर, अफगानिस्तान की ओर से इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया गया है। अफगान अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है और निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के बाद सीमा क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास और तनाव इस घटना के बाद और बढ़ सकता है। पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और शरणार्थियों के मुद्दों को लेकर रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे हैं। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगान सीमा से आतंकी घुसपैठ हो रही है, जबकि अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज करता आया है। जरदारी की हालिया चेतावनी को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाएगा। अब अफगान बेस पर हुए इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि यह क्षेत्र पहले से ही कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। यदि स्थिति को जल्द कूटनीतिक तरीके से नहीं संभाला गया तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता पर पड़ सकता है।



