
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है, लेकिन हाल ही में कई किसानों की 22वीं किस्त फॉर्मर रजिस्ट्री पूरी न होने के कारण रुक गई है। सरकार ने अब स्पष्ट कर दिया है कि लाभार्थियों के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री (किसान पंजीकरण) अनिवार्य कर दी गई है, ताकि सही और पात्र किसानों तक ही योजना का लाभ पहुंच सके। जिन किसानों ने अभी तक अपनी रजिस्ट्री नहीं कराई है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, वरना आने वाली किस्तों में भी दिक्कत हो सकती है। अच्छी बात यह है कि जो किसान समय रहते रजिस्ट्रेशन पूरा कर लेंगे, उन्हें 23वीं किस्त में एक साथ ₹4000 तक की राशि मिल सकती है, जिसमें पिछली रुकी हुई किस्त भी शामिल होगी।
फॉर्मर रजिस्ट्री कराने के लिए किसानों को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और भूमि से जुड़े दस्तावेज दर्ज करने होते हैं। इसके अलावा ई-केवाईसी (e-KYC) भी अनिवार्य है, जिसे ऑनलाइन या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर पूरा किया जा सकता है। कई राज्यों में राजस्व विभाग और कृषि विभाग मिलकर गांव स्तर पर कैंप भी लगा रहे हैं, ताकि किसानों को रजिस्ट्रेशन में किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार का उद्देश्य है कि योजना में पारदर्शिता बनी रहे और फर्जी लाभार्थियों को हटाकर वास्तविक किसानों को ही लाभ मिले।
विशेषज्ञों का मानना है कि फॉर्मर रजिस्ट्री लागू होने से डेटा बेस मजबूत होगा और भविष्य में किसानों को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता की कमी के कारण कई किसानों को अभी भी इस प्रक्रिया में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह जागरूकता अभियान चलाकर हर किसान तक सही जानकारी पहुंचाए। कुल मिलाकर, अगर किसान समय रहते अपनी रजिस्ट्री पूरी कर लेते हैं, तो न केवल उनकी रुकी हुई किस्त जारी हो जाएगी बल्कि आगे भी उन्हें बिना किसी रुकावट के योजना का लाभ मिलता रहेगा।



