अंबानी या अदाणी—किसके शेयरों ने बनाया ज्यादा पैसा? 5 साल का पूरा हिसाब

पिछले पांच वर्षों में भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं, खासकर उन कंपनियों ने जो देश की अर्थव्यवस्था के बड़े स्तंभ मानी जाती हैं। इस दौरान Reliance Industries और Adani Group दोनों ने निवेशकों का खास ध्यान खींचा है। अगर किसी निवेशक ने 5 साल पहले इन कंपनियों में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसका पैसा कितना होता—यह सवाल हर निवेशक के मन में जरूर आता है।
सबसे पहले बात करते हैं रिलायंस इंडस्ट्रीज की, जिसका नेतृत्व Mukesh Ambani कर रहे हैं। रिलायंस ने पिछले पांच सालों में स्थिर और मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी के शेयरों में लगभग 2 से 2.5 गुना तक की वृद्धि देखी गई है। इसका मतलब है कि अगर किसी ने 1 लाख रुपये निवेश किए होते, तो वह रकम आज करीब 2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच सकती थी। रिलायंस का बिजनेस मॉडल—जिसमें टेलीकॉम (Jio), रिटेल और पेट्रोकेमिकल्स शामिल हैं—निवेशकों के लिए भरोसेमंद साबित हुआ है।
अब बात करते हैं अदाणी ग्रुप की, जिसे Gautam Adani लीड करते हैं। अदाणी ग्रुप के शेयरों ने इस अवधि में कई गुना रिटर्न दिए हैं, हालांकि इसमें काफी उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। कुछ प्रमुख अदाणी कंपनियों जैसे Adani Enterprises, Adani Green Energy और Adani Total Gas ने निवेशकों को 5 साल में 5 गुना से लेकर 10 गुना तक रिटर्न दिए। यानी अगर किसी ने सही समय पर 1 लाख रुपये लगाए होते, तो वह रकम आज 5 लाख से 10 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती थी।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि अदाणी ग्रुप के शेयरों में उच्च रिटर्न के साथ जोखिम भी ज्यादा रहा है। शेयरों में तेजी के साथ-साथ गिरावट भी काफी तेज रही है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहना पड़ा। वहीं रिलायंस के शेयर अपेक्षाकृत स्थिर रहे हैं और लंबी अवधि के निवेशकों को संतुलित रिटर्न दिया है।
निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि अगर ज्यादा रिटर्न की बात करें तो अदाणी ग्रुप आगे रहा है, लेकिन स्थिरता और भरोसे के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने निवेशकों का विश्वास बनाए रखा है। इसलिए निवेश का फैसला करते समय रिटर्न के साथ-साथ जोखिम को समझना भी बेहद जरूरी है।



