प्रॉपर्टी शेयरों में भारी गिरावट! 2025-26 में टूटे रियल्टी स्टॉक्स, एक्सपर्ट ने बताए कारण

रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में लगातार गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। साल 2025 में जहां रियल्टी शेयरों में करीब 16% की गिरावट दर्ज की गई, वहीं 2026 में यह गिरावट और बढ़कर 21% तक पहुंच गई है। इस लगातार कमजोरी के पीछे कई अहम कारण सामने आ रहे हैं, जिन पर बाजार विशेषज्ञ भी अपनी राय दे रहे हैं। सबसे बड़ा कारण ब्याज दरों में बढ़ोतरी को माना जा रहा है। जब होम लोन महंगे होते हैं, तो प्रॉपर्टी की मांग में कमी आ जाती है, जिसका सीधा असर रियल एस्टेट कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर पड़ता है।
इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी भी इस सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री की लागत बढ़ने से प्रोजेक्ट्स की लागत बढ़ जाती है, जिससे कंपनियों का मार्जिन घटता है। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है। दूसरी ओर, कई शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें पहले ही काफी ऊंचाई पर पहुंच चुकी हैं, जिससे नई खरीदारी में सुस्ती देखने को मिल रही है। मांग और सप्लाई के बीच असंतुलन भी शेयरों पर दबाव बना रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को फिलहाल इस सेक्टर में सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और ब्याज दरों का दबाव आगे भी बना रह सकता है, जिससे रियल्टी शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। हालांकि, लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर भी बन सकती है, बशर्ते वे मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों का चयन करें। सरकार की ओर से अगर रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देने के लिए कोई नई नीतियां आती हैं, तो इससे बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।



