
Reserve Bank of India ने रुपये में लगातार गिरावट को देखते हुए बैंकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा लेन-देन और ओपन पोजिशन पर ‘लक्ष्मण रेखा’ यानी लिमिट तय करने को कहा है, ताकि बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोका जा सके।
RBI का यह कदम रुपये को स्थिर रखने और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे फॉरेक्स मार्केट में अनुशासन आएगा और अनावश्यक दबाव कम होगा।
हालांकि, रुपये की कमजोरी के पीछे वैश्विक कारण भी हैं, जैसे डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतें और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितता। ऐसे में RBI के इस फैसले को स्थिति संभालने के लिए अहम माना जा रहा है।
Computer Jagat 24
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March 28, 2026



