


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि संघ इतिहास की किताबों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवाने के लिए काम नहीं करता। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का मूल उद्देश्य समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि RSS हमेशा बिना किसी प्रचार-प्रसार के अपने कार्यों को आगे बढ़ाता रहा है और भविष्य में भी यही परंपरा जारी रहेगी। भागवत के इस बयान को संगठन की विचारधारा और कार्यशैली से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना और देश के विकास में योगदान देना ही संघ की प्राथमिकता है। उनका यह बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।