धर्म-आस्था
नारद जयंती 2026: श्रीहरि को प्रसन्न करने का अवसर, जानें शुभ कार्य और महत्व


नारद जयंती (Narad Jayanti) हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो देवऋषि नारद मुनि के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को ज्ञान, भक्ति और सत्संग का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि इस पावन दिन पर किए गए धार्मिक कार्यों से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान श्रीहरि (Vishnu) की कृपा प्राप्त होती है। भक्त इस दिन भजन, कीर्तन, दान-पुण्य और सत्संग जैसे कार्यों में भाग लेते हैं।
नारद मुनि को देवताओं और भक्तों के बीच संदेशवाहक माना जाता है, जो हमेशा भक्ति और सत्य का प्रचार करते हैं। इसलिए इस दिन उनकी पूजा और स्मरण करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नारद जयंती पर किए गए अच्छे कर्म व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाते हैं। यही कारण है कि यह दिन भक्ति और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।