धर्म-आस्था

नारद जयंती 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, आरती और महत्व

नारद जयंती हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो देवर्षि नारद के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। वे भगवान विष्णु के परम भक्त और त्रिलोक में संदेशवाहक के रूप में प्रसिद्ध हैं, जो हमेशा सत्य और भक्ति का प्रसार करते हैं।

Narad Jayanti के अवसर पर भक्तजन विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और भगवान विष्णु के साथ-साथ देवर्षि नारद की आराधना करते हैं। इस दिन का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार निर्धारित किया जाता है, जिसमें पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

पूजा विधि में सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु और नारद मुनि की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाया जाता है। इसके बाद भजन, कीर्तन और नारद जी की आरती का पाठ किया जाता है।

नारद जयंती का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक भी है, क्योंकि यह हमें सत्य, भक्ति और सही संदेश के प्रसार का संदेश देती है। माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता और ज्ञान की वृद्धि होती है।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button