वृषभ संक्रांति मई 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

वृषभ संक्रांति हिंदू पंचांग के अनुसार एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय और धार्मिक पर्व माना जाता है, जब सूर्य मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करता है। Vrishabha Sankranti का यह दिन दान-पुण्य, स्नान और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
तिथि (मई 2026):
वृषभ संक्रांति आमतौर पर मई महीने के मध्य में आती है। वर्ष 2026 में यह संक्रांति लगभग 14 से 15 मई के आसपास पड़ने की संभावना है। हालांकि सटीक “संक्रांति क्षण” सूर्य के राशि परिवर्तन के समय पर निर्भर करता है, जो पंचांग के अनुसार तय होता है।
शुभ मुहूर्त का महत्व:
संक्रांति का सबसे शुभ समय वही माना जाता है जब सूर्य ठीक वृषभ राशि में प्रवेश करता है। इसी समय स्नान, दान और पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। सुबह का समय और संक्रांति क्षण के आसपास का काल सबसे उत्तम माना जाता है।
पूजा विधि:
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें। गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। घर में दीप जलाकर भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।



