IWT विवाद: सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को UNSC से क्या मिलेगा?

सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक बहस तेज हो गई है। पाकिस्तान की ओर से उठाए गए हालिया कदमों पर विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) तक ले जाने से उसे कोई ठोस फायदा मिलने की संभावना नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम शहबाज शरीफ सरकार की आंतरिक और बाहरी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य घरेलू दबाव को कम करना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुद्दे को जीवित रखना है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकार मानते हैं कि IWT एक द्विपक्षीय समझौता है, जिस पर UNSC की भूमिका सीमित रहती है।
भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों को लेकर पहले से ही संवेदनशील स्थिति बनी हुई है। ऐसे में इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी और कदमों से कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि व्यावहारिक समाधान बातचीत के जरिए ही संभव माना जाता है।



