
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उन्हें देश-विदेश से शुभकामनाएं और बधाई संदेश प्राप्त हुए। इसी क्रम में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक संदेश भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता और भारत की प्रगति की सराहना की।
इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में समर्थकों और सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष कार्यक्रमों, प्रार्थना सभाओं और जनकल्याण गतिविधियों का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर लोगों ने प्रधानमंत्री के दीर्घायु और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना की।
राजनीतिक हलकों में भी इस अवसर को लेकर चर्चा रही। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने पिछले वर्षों में सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल परिवर्तन और कल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया।
वहीं विपक्षी दलों ने सरकार के कार्यकाल का अपना अलग मूल्यांकन प्रस्तुत करते हुए विभिन्न मुद्दों पर सवाल भी उठाए। इसके बावजूद यह अवसर राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक छवि, विदेश नीति और आर्थिक विकास को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक चर्चा हुई है। इसी कारण विदेशों से आने वाले संदेश और प्रतिक्रियाएं भी राजनीतिक महत्व रखती हैं।
देशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान समर्थकों ने विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही। इस अवसर पर कई सामाजिक और सेवा गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिनमें जरूरतमंद लोगों की सहायता और जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने का यह अवसर राजनीतिक, सामाजिक और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिस पर देश और दुनिया की नजर बनी हुई है।



