यूपी में शिलापट्टों पर जनप्रतिनिधियों के नाम लिखने के नियम सख्त, योगी सरकार का नया आदेश जारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों से जुड़े शिलापट्टों पर जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित करने को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि शिलापट्टों पर केवल निर्धारित नियमों और प्रोटोकॉल के अनुसार ही नाम लिखे जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य विकास परियोजनाओं से संबंधित सूचनाओं में एकरूपता बनाए रखना और निर्धारित प्रशासनिक व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी परियोजना के उद्घाटन, लोकार्पण या शिलान्यास से जुड़े शिलापट्ट तय प्रारूप के अनुसार तैयार किए जाएं।
नई व्यवस्था में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल पात्र और अधिकृत जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों के नाम ही अंकित हों। इससे अनावश्यक विवादों और भ्रम की स्थिति से बचने में मदद मिलेगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सभी विभागों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी स्तर पर निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दे रही है। शिलापट्टों से जुड़े दिशा-निर्देशों को भी इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट नियमों से सरकारी परियोजनाओं के दस्तावेजीकरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और विभिन्न विभागों में एक समान व्यवस्था लागू करने में मदद मिलेगी। इससे विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी अधिक व्यवस्थित और प्रमाणिक रूप में उपलब्ध हो सकेगी।



