
देशभर में डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले 20 लाख से अधिक छात्रों ने NEET UG री-एग्जाम में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित यह परीक्षा भारत और विदेशों में स्थापित 5454 परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच संपन्न हुई। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई थी।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए बायोमेट्रिक जांच, फेस रिकग्निशन, एडमिट कार्ड सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाएं की गईं। कई केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई थी ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी को रोका जा सके। परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों को निर्धारित समय पर केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए NEET UG देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस कारण परीक्षा के आयोजन और सुरक्षा को लेकर प्रशासन और परीक्षा एजेंसी विशेष सतर्कता बरतती है।
परीक्षा समाप्त होने के बाद अब छात्रों की नजरें उत्तर कुंजी और परिणामों पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष भी मेडिकल सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रहने वाली है। लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा के परिणाम आगामी प्रवेश प्रक्रिया की दिशा तय करेंगे।



