
प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ हुई महत्वपूर्ण मुलाकात में Amazon के CEO ने भारत को लेकर कंपनी की महत्वाकांक्षी योजनाओं का खुलासा किया। बैठक के दौरान भारत में लगभग ₹12.2 लाख करोड़ (₹1.22 ट्रिलियन) के संभावित निवेश, डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार, क्लाउड सेवाओं और रोजगार सृजन पर चर्चा हुई। कंपनी ने भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बताया।
Amazon का कहना है कि वह भारत में ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल भुगतान जैसे क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करना चाहता है। कंपनी का मानना है कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है और आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास का प्रमुख केंद्र बन सकती है। इसी कारण कंपनी दीर्घकालिक निवेश और स्थानीय साझेदारियों पर विशेष ध्यान दे रही है।
बैठक में छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्टार्टअप्स तथा निर्यात को बढ़ावा देने के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। Amazon ने कहा कि वह भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए अपने निर्यात कार्यक्रमों का विस्तार करेगा। इससे स्थानीय व्यवसायों को नए अवसर मिलने और रोजगार सृजन में मदद मिलने की उम्मीद है।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत में बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणा वैश्विक कंपनियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। डिजिटल बुनियादी ढांचे, तकनीकी नवाचार और उपभोक्ता बाजार के तेजी से विस्तार के कारण भारत बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। Amazon की यह पहल न केवल कंपनी के विस्तार को गति दे सकती है, बल्कि भारत की डिजिटल और आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।



