E20 के लिए चावल से बनेगा एथेनॉल

देश में E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित ईंधन) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने अपनी रणनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण गन्ने और चीनी उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका के बीच अब चावल आधारित एथेनॉल के उत्पादन पर अधिक जोर दिया जा सकता है, ताकि ईंधन मिश्रण कार्यक्रम की रफ्तार बनी रहे।
सरकार का उद्देश्य एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के जरिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देना है। यदि चीनी उत्पादन अपेक्षा से कम रहता है, तो डिस्टिलरी उद्योग के लिए चावल एक वैकल्पिक कच्चा माल बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चावल आधारित एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से एथेनॉल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और E20 कार्यक्रम प्रभावित नहीं होगा। हालांकि, इसके साथ खाद्य सुरक्षा, अनाज की उपलब्धता और कृषि नीति के बीच संतुलन बनाए रखना भी सरकार के लिए अहम चुनौती होगी।
ऊर्जा और कृषि क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, आने वाले महीनों में मौसम, फसल उत्पादन और एथेनॉल नीति से जुड़े फैसले यह तय करेंगे कि भारत अपने E20 लक्ष्य को तय समय पर कितना प्रभावी ढंग से हासिल कर पाता है।



