
भारत ने सेशेल्स के साथ रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से वहां चार सैन्य सलाहकारों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। यह पहल दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को नई मजबूती देने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को भी बढ़ावा देगी।
इन सैन्य सलाहकारों की भूमिका रक्षा प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा और संयुक्त सैन्य सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत और सेशेल्स पहले से ही समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने, तस्करी और अन्य समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक व्यापार और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में भारत इस क्षेत्र में अपने मित्र देशों के साथ रक्षा साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहा है। सेशेल्स की भौगोलिक स्थिति भी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम किसी एक देश के खिलाफ नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है। भारत की ‘सागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत भी हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है।
अस्वीकरण: यह रिपोर्ट उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। रक्षा सहयोग से जुड़े परिचालन और तैनाती के विवरण समय-समय पर संबंधित सरकारों द्वारा अपडेट किए जा सकते हैं।



