US सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बर्थ टूरिज्म पर ट्रंप को झटका

अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ट्रंप प्रशासन के उस तर्क को स्वीकार नहीं किया कि ‘बर्थ टूरिज्म’ राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा खतरा है कि इसके आधार पर जन्मसिद्ध नागरिकता के संवैधानिक प्रावधानों को सीमित किया जा सके। अदालत ने माना कि प्रशासन अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके साथ ही अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्मसिद्ध नागरिकता के सिद्धांत को बरकरार रखा गया।
इस फैसले का भारतीय-अमेरिकी समुदाय और प्रवासी अधिकार संगठनों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय अमेरिका के संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन को मजबूत करता है तथा लाखों प्रवासी परिवारों के लिए कानूनी स्पष्टता लेकर आया है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वह बर्थ टूरिज्म पर सख्ती और इमिग्रेशन नियमों को लेकर अन्य कानूनी एवं नीतिगत विकल्पों पर काम जारी रखेगा। वहीं, अमेरिकी न्याय विभाग ने बर्थ टूरिज्म से जुड़े कथित वीजा धोखाधड़ी मामलों की जांच को प्राथमिकता देने की बात भी कही है। इस फैसले के बाद अमेरिका में इमिग्रेशन और जन्मसिद्ध नागरिकता पर राजनीतिक बहस फिर तेज होने की संभावना है।



