India-Israel: भारत से नए सैन्य गठबंधन का इजरायल का प्रस्ताव

मध्य पूर्व में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच इजरायल ने भारत, अमेरिका और समान विचारधारा वाले देशों के साथ एक नए सुरक्षा एवं सैन्य सहयोग ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया है। इजरायली नेतृत्व का मानना है कि आतंकवाद, ड्रोन हमलों, साइबर खतरों और क्षेत्रीय अस्थिरता जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए लोकतांत्रिक देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत किया जाना चाहिए। इस प्रस्ताव के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भारत भविष्य में ऐसे किसी बहुपक्षीय सुरक्षा ढांचे का हिस्सा बनने पर विचार करेगा।
भारत और इजरायल के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, खुफिया सहयोग, कृषि, साइबर सुरक्षा और उच्च तकनीक के क्षेत्र में संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। वहीं, अमेरिका के साथ भी भारत की रणनीतिक साझेदारी गहरी हुई है। हालांकि, भारत की विदेश नीति लंबे समय से रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) पर आधारित रही है। यही कारण है कि नई दिल्ली आमतौर पर किसी औपचारिक सैन्य गठबंधन में शामिल होने के बजाय मुद्दा-आधारित सहयोग को प्राथमिकता देती है। ऐसे में यदि इजरायल की ओर से औपचारिक प्रस्ताव आता भी है, तो मोदी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा हितों, क्षेत्रीय संतुलन और अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लेगी। फिलहाल भारत सरकार की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



