
भारत सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति को और सख्ती से लागू करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इस रणनीति के तहत समुद्री मार्गों से होने वाली तस्करी और डार्कनेट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए चल रहे अवैध कारोबार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Control Bureau) को इस दिशा में निगरानी और कार्रवाई और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि आधुनिक तकनीक, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और खुफिया जानकारी के आधार पर तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति अपनाई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह डिजिटल और समुद्री रास्तों के जरिए एक जटिल वैश्विक नेटवर्क बन चुकी है। ऐसे में भारत की यह सख्त नीति कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



