जलभराव पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी

मानसून के दौरान शहरों में जलभराव की समस्या को लेकर नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बारिश के बाद यदि किसी क्षेत्र में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है या नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो संबंधित अधिकारियों की सीधे तौर पर जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना नगर निकायों और संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नगर विकास विभाग ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की कार्यक्षमता, जल निकासी मार्गों की निगरानी और आपातकालीन टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि बारिश के दौरान लगातार फील्ड में मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी करें और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें।
मंत्री ने यह भी कहा कि आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। जहां जलभराव की समस्या बार-बार सामने आती है, वहां स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान लापरवाही या उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि मानसून के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो और शहरी क्षेत्रों में यातायात एवं जनजीवन सामान्य बना रहे।



