यूपी पुलिस का ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ शुरू, साइबर अपराधों पर कसेगा शिकंजा

उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यूपी पुलिस ने राज्यव्यापी ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ की शुरुआत की है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश योजनाओं, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर नेटवर्क के जरिए किए जाने वाले अपराधों के खिलाफ व्यापक और समन्वित कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना, पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और लोगों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
डीजीपी ने सभी पुलिस आयुक्तों, जिलों के पुलिस अधीक्षकों और साइबर क्राइम इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संदिग्ध बैंक खातों, फर्जी सिम कार्ड, डिजिटल वॉलेट और तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर अपराध करने वाले गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
अभियान के तहत साइबर हेल्पलाइन, तकनीकी जांच और डिजिटल फॉरेंसिक संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने पर भी जोर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शिकायत मिलते ही धनराशि को ट्रेस और होल्ड कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि पीड़ितों को अधिकतम राहत मिल सके। इसके अलावा स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को फिशिंग, ओटीपी धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, निवेश घोटालों और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए जाएंगे।
यूपी पुलिस का मानना है कि तकनीक आधारित अपराधों से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता और आधुनिक तकनीकी क्षमता भी उतनी ही आवश्यक है। ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ के माध्यम से साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जाएंगे।



