Pakistan Quetta Protest: असीम मुनीर के खिलाफ नारे, बलूचिस्तान में क्यों भड़की जनता?

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में हालिया हिंसा के बाद तनाव बढ़ गया है। पुलिसकर्मियों की मौत से नाराज परिवारों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसमें पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर और सेना के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मारे गए जवानों के शवों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए और न्याय की मांग की।
बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और आतंकी गतिविधियों से प्रभावित रहा है। हाल के हमलों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मारे गए, जिसके बाद क्वेटा में सुरक्षा व्यवस्था और सरकार की रणनीति को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में हुए हमलों में पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया था।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लगातार हमलों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं हो पा रही है। क्वेटा सिविल अस्पताल के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन में कुछ लोगों ने सेना नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि हिंसा रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
पाकिस्तान सरकार और सेना ने इन हमलों के पीछे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों का हाथ बताया है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कुछ मामलों में भारत पर भी आरोप लगाए हैं, हालांकि भारत ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बलूचिस्तान का संकट केवल सुरक्षा चुनौती नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक असंतोष, आर्थिक शिकायतें और लंबे समय से चले आ रहे केंद्र-प्रांत संबंधों के मुद्दे भी जुड़े हैं। यही कारण है कि यहां होने वाली हर बड़ी हिंसक घटना के बाद जनता और सरकार के बीच तनाव बढ़ जाता है।
फिलहाल क्वेटा और आसपास के इलाकों में हालात पर नजर रखी जा रही है। बढ़ती हिंसा ने पाकिस्तान के सामने आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता दोनों की चुनौती खड़ी कर दी है।



