Adani Case Dismissal: गौतम अदाणी बोले- सत्य के लिए लड़ना पड़ता है, शेयरों पर नजर

अमेरिकी अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिलने के बाद अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका की एक संघीय अदालत ने उनके और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है। यह मामला करीब दो साल से चल रहा था और अब इसके खारिज होने के बाद अदाणी समूह को बड़ी राहत मिली है।
फैसले के बाद गौतम अदाणी ने कहा कि सत्य के लिए लड़ना पड़ता है और इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सत्य, निष्पक्षता तथा कानून में उनका विश्वास अटूट रहा। उन्होंने समर्थकों का आभार भी जताया।
इस अमेरिकी मामले की वजह से लंबे समय से अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव और अनिश्चितता बनी हुई थी। ऐसे में आपराधिक मामले के स्थायी रूप से खत्म होने की खबर को निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। हालांकि, शेयर बाजार में किसी खबर के आधार पर तेजी की गारंटी नहीं होती और वास्तविक प्रतिक्रिया बाजार खुलने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दिलचस्प बात यह है कि अदालत ने मामले को खारिज तो किया, लेकिन आदेश में अमेरिकी न्याय विभाग की कार्रवाई से जुड़ी कुछ प्रक्रियात्मक अनियमितताओं पर चिंता भी जताई। इससे मामला पूरी तरह विवाद से मुक्त नहीं हुआ है, हालांकि गौतम और सागर अदाणी के खिलाफ यह आपराधिक अभियोजन समाप्त हो गया है।
अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों पर अब निवेशकों की खास नजर रहेगी। बाजार में यदि सकारात्मक प्रतिक्रिया आती है तो अदाणी समूह के प्रमुख शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है। लेकिन निवेशकों को केवल इस घटनाक्रम के आधार पर खरीदारी करने के बजाय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।



