BRICS में डिडॉलराइजेशन की तैयारी, भारत ने दिया बड़ा सुझाव

अमेरिकी डॉलर के दबदबे को कम करने की दिशा में BRICS देशों के बीच प्रयास तेज होते दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली में हुई चर्चाओं में सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने के विकल्पों पर मंथन किया गया।
BRICS का उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है। समूह के देश वैश्विक व्यापार और वित्तीय व्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए वैकल्पिक भुगतान तंत्र पर भी विचार कर रहे हैं। इससे डॉलर पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने की कोशिश की जा सकती है।
भारत ने BRICS के भीतर व्यापार को आसान बनाने के लिए स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल और सीमा पार भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया है। इससे सदस्य देशों के बीच कारोबार में भुगतान से जुड़ी कुछ चुनौतियों को कम करने की संभावना है।
डिडॉलराइजेशन का अर्थ अमेरिकी डॉलर को पूरी तरह खत्म करना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भुगतान में अन्य मुद्राओं की हिस्सेदारी बढ़ाना है। BRICS देशों के बीच यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है और अब इसे व्यावहारिक विकल्पों के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ने से BRICS देशों को विदेशी मुद्रा जोखिम और डॉलर आधारित भुगतान व्यवस्था पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसके लिए मजबूत बैंकिंग नेटवर्क, भरोसेमंद भुगतान प्रणाली और सदस्य देशों के बीच बेहतर आर्थिक समन्वय जरूरी होगा।
भारत के लिए भी यह पहल महत्वपूर्ण हो सकती है। रुपये में होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलने से भारतीय मुद्रा की वैश्विक भूमिका मजबूत करने में मदद मिल सकती है। साथ ही भारतीय कारोबारियों के लिए कुछ देशों के साथ व्यापारिक भुगतान की प्रक्रिया आसान हो सकती है।
BRICS के आर्थिक विस्तार के साथ समूह की वित्तीय योजनाओं पर दुनिया की नजर बनी हुई है। अगर सदस्य देश स्थानीय मुद्राओं और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों को बड़े स्तर पर अपनाते हैं, तो वैश्विक व्यापार व्यवस्था में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल अमेरिकी डॉलर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय व्यवस्था में प्रमुख भूमिका निभाता है। ऐसे में BRICS की डिडॉलराइजेशन से जुड़ी पहल लंबी अवधि की प्रक्रिया मानी जा रही है। दिल्ली में हुई चर्चा को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा सकता है।



