Bangladesh PM Tariq Rahman: BRICS से दूरी, भारत दौरे से क्यों हिचक?

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के BRICS से दूरी बनाने और संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शामिल होने को लेकर क्षेत्रीय कूटनीति में चर्चा तेज हो गई है। उनके कार्यक्रम में भारत दौरे को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
BRICS जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच से दूरी और UNGA को प्राथमिकता दिए जाने को बांग्लादेश की विदेश नीति की मौजूदा प्राथमिकताओं के संदर्भ में देखा जा रहा है। इससे भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर भी नई चर्चा शुरू हुई है।
तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर उत्सुकता इसलिए भी है क्योंकि भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे जुड़े हुए हैं। दोनों देशों के रिश्तों का असर पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र पर पड़ता है।
UNGA में मौजूदगी बांग्लादेश के लिए वैश्विक मंच पर अपनी प्राथमिकताओं और विदेश नीति को सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में तारिक रहमान की ओर से इसे प्राथमिकता दिए जाने को उनकी कूटनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, BRICS की बैठक से दूरी और भारत यात्रा को लेकर बनी स्थिति ने यह सवाल खड़ा किया है कि बांग्लादेश सरकार इस समय किन अंतरराष्ट्रीय मंचों और साझेदारियों को अधिक महत्व दे रही है।
भारत की नजर भी बांग्लादेश के राजनीतिक और कूटनीतिक रुख पर बनी हुई है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की यात्रा से जुड़े किसी भी फैसले का रणनीतिक महत्व हो सकता है।
दक्षिण एशिया में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बांग्लादेश की विदेश नीति पर क्षेत्रीय देशों की भी नजर है। आने वाले समय में तारिक रहमान के भारत दौरे और BRICS से जुड़े रुख पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।



