H-1B वीजा पर $100,000 फीस सितंबर 2027 तक जारी, भारतीयों पर असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा से जुड़े $100,000 भुगतान वाले प्रतिबंध को 21 सितंबर 2027 तक बढ़ा दिया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह व्यवस्था उन कुछ H-1B श्रेणी के विदेशी कर्मचारियों पर लागू है जो अमेरिका से बाहर हैं और अमेरिका में प्रवेश करना चाहते हैं। हालांकि, राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग को अपवाद देने का अधिकार है।
इस फैसले का भारतीय पेशेवरों पर विशेष महत्व है, क्योंकि वित्त वर्ष 2024 में स्वीकृत H-1B लाभार्थियों में भारत में जन्मे लोगों की हिस्सेदारी करीब 71 प्रतिशत थी। चीन में जन्मे लाभार्थियों की हिस्सेदारी लगभग 12 प्रतिशत रही।
हालांकि, अमेरिका में पहले से H-1B पर रह रहे भारतीय प्रोफेशनल्स को इस $100,000 भुगतान का मतलब यह नहीं है कि उन्हें नौकरी जारी रखने या सामान्य वीजा नवीनीकरण के लिए अचानक इतनी राशि देनी होगी। मौजूदा आदेश का मुख्य फोकस अमेरिका में प्रवेश की तलाश कर रहे कुछ नए H-1B कर्मचारियों पर है।
इस बीच, H-1B शुल्क को लेकर अमेरिकी अदालतों में कानूनी चुनौती भी जारी है। इसके अलावा, अमेरिकी प्रशासन ने H-1B आवेदनों की जांच और उन मामलों में अतिरिक्त निगरानी का निर्देश दिया है जहां अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी का जोखिम माना जाता है।
अलग से, DHS ने H-1B cap-subject petitions के लिए $103,265 का प्रस्तावित शुल्क भी प्रकाशित किया है। यह प्रस्ताव अभी नियम-निर्माण प्रक्रिया में है और इसे मौजूदा $100,000 प्रवेश-भुगतान से अलग समझना जरूरी है।



